श्रीमती सरोजिनी नायडू
महात्मा गांधी के साथ की आज़ादी को लड़ाई में हिस्सा लेने वाली महिलाओं में श्रीमती सरोजिनी का बहुत ऊंचा स्थान है। श्रीमती सरोजिनी नायडू ने अपना सारा जीवन देशसेवा में ही लगा दिया था। देशसेवा के अलावा आप भाषण देने में बड़ी पटु थी और अंग्रेजी में कविताएँ भी लिखती थी जिनका भारत के बाहर ब्रिटेन में भी बहुत मान था।सरोजिनी देवी का जन्म हैदराबाद में हुआ था। आप बंगाली थी पर अपने जाति - प्रथा तोड़ कर एक मद्रासी डाक्टर गोविन्द राजलू नायडू से शादी की थी।
सन 1925 में कानपुर कांग्रेस अधिवेशन की आप अध्यक्षा थी। आजादी की लड़ाई में कई बार आपने जेलयात्रा भी की और सदा ही गांधी जी के साथ छाया की तरह रही।
भारत को आजादी मिलने के बाद आप उत्तर प्रदेश की गवर्नर नियुक्त हुई थी। आप सर्वप्रथम महिला गवर्नर थी और जीवन के अन्त तक उसी पद पर रही।
भारत-कोकिला का सुमधुर भाषण जिसने भी कभी सुना है वह जीवन भर उसे नहीं भूल सकता।
जन्म - हैदराबाद 13 फरवरी 1879
निधन - लखनऊ , 1 मार्च 1949

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