श्री राजगोपालचारी
चक्रवर्ती राजगोपालचारी आधुनिक भारत में राजनीति के चाणक्य मने जाते है।भारत को आजादी मिलने पर आप भारत के प्रथम गवर्नर जनरल चुने गए थे।
राजा जी जितने चतुर व बुद्धिमान है उतनो ही सादगी से रहते है। एक धोती और कुरता के अलावा कभी किसी ने इन्हें कोई कपड़ा पहने नहीं देखा। इतनी तपस्या और साधना हर के बस की बात नहीं है। इन्हें प्यार व् आदर से लोग केवल 'राजा जी ' नाम से पुकारते है।
राजा जी राजनीति में श्रीमती एनीवीसेन्ट के शिष्य है। आप मद्रास के सर्वश्रेष्ठ वकील माने जाते है।
यह प्रसिद्ध है कि राजा जी की दष्टि राजनीति के मैदान में पचासों वर्ष आगे की बाते देख लेती है। इसीलिए राजनीति में जब भविष्य की चर्चा राजा जी करते है तो कभी - कभी लोगों को बड़ा आश्चर्य और असंभव - सा लगता है।
सन 1954 में आपको 'भारतरत्न ' की उपाधि मिली है
जन्म - होसुर (मद्रास ), सन 1879
निधन - मद्रास , 25 दिसम्बर 1972
No comments:
Post a Comment