डा० जाकिर हुसैन
डॉ. ज़ाकिर हुसैन स्वतंत्र भारत के तीसरे राष्ट्रपति थे। डॉ. राधाकृष्णन के बाद आप देश के सर्वोच्च पद के अधिकारी हुए ।
सीधे-सादे, सरल स्वभाव, सरलता की मूर्ति और सादगी के प्रतीक डॉ. ज़ाकिर हुसैन बड़े विद्वान, शिक्षाविद और देशभग्त थे ।
सीधे-सादे, सरल स्वभाव, सरलता की मूर्ति और सादगी के प्रतीक डॉ. ज़ाकिर हुसैन बड़े विद्वान, शिक्षाविद और देशभग्त थे ।
आपका जन्म आंध्र प्रदेश के हैदराबाद शहर मेँ हुआ था। परन्तु आप के जीवन का प्रारंभिक भाग उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में बीता। आप की प्रारंभिक शिक्षा भी फर्रुखाबाद और इटावा में हुई तथा अलीग़ढ विश्वविद्यालय से ऍम० ए० पास किया। बाद में उच्च शिक्षा हेतु आप जर्मनी गए और बर्लिन विश्वविद्यालय से "डाक्टरेट " प्रप्त की। बाद में तो कलकत्ता, दिल्ली, अलीग़ढ, इलहाबाद और काहिरा (मिश्र ) के विश्वविद्यालयों ने भी आपको 'डाक्टर ' की उपाधि देकर सम्मानित किया।
आप पर गांधीजी का बहुत गहरा प्रभाव था। उन्हीं की प्रेरणा से 'बुनियादी शिक्षा' पध्दति आपने चलाई और देश से निरक्षता का उन्मूलन किया। आप अलीग़ढ विश्वविद्यालय के उपकुलपति भी थे।
सन 1957 में आप बिहार के राज्यपाल नियुत्त हुए और सन 1962 में उपराष्ट्रपति निर्वाचित हुए, फिर सन 1967 में भारत के तृतीय राष्ट्रपति चुने गए।
सन 1963 में भारत सरकार ने आपको 'पदम् भूषण ' की उपाधि दी।
आप को पुस्तकों, फूलों और बच्चों से बहुत प्रेम था।
जन्म --हैदराबाद, 8 फरवरी 1897
निधन --दिल्ली , 3 मई 1969
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